Einstein equation E=mc^2:-
अल्बर्ट आइंस्टीन ने E=mc^2 का सूत्र दिया जो ऊर्जा और द्रव्यमान के सम्बन्ध को बताता है इस सूत्र से यह ज्ञात होता है की ऊर्जा और द्रव्यमान एक -दूसरे पर आधारित है आइंस्टीन के सूत्र के अनुसार हम यह कह सकते है
कि ऊर्जा को द्रव्यमान और द्रव्यमान को ऊर्जा में बदला जा सकता है
द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार इसे न तो बना सकते है न तो नष्ट कर सकतें है केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदल सकते है इसी प्रकार ऊर्जा सरंक्षण का नियम ऊर्जा को न तो बना सकते है न ही नष्ट कर सकते है इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदल सकते है |
सन 1905 में आइंस्टीन ने यह फार्मूला दिया था जिसके मदद से एटम बम बनाया गया जब इस समीकरण के माध्यम से एटम बम का परीक्षण करने के लिए हिरोशिमा और नागासाकी जैसे शहर को नष्ट कर दिया गया तो अल्बर्ट आइंस्टीन को इस बात का बहुत खेद हुआ की मेरे इस समीकरण को इस तरह इस्तेमाल किया जा रहा ह|
- E=mc^2 में c^2ही क्यों लिया गया
जैसा की हम सब जानते है की ऊर्जा ( energy) का मात्रक kg m^2 /s^2 होता है | ऊर्जा ,द्रव्यमान और प्रकाश की चाल के वर्गमूल के गुणांक के बराबर होता है|तब ऊर्जा का मात्रक इन दोनों के मात्रक के बराबर होता हैं इसलिए
c^ 2 लिया जाता है| यदि हम c^2 के जगह पर c , c^ 3 या c ^ 4 लेंगे तो ऊर्जा के मात्रक के बराबर नही होगा

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